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गणतंत्र दिवस

 

26 January,Republic Day

(गणतंत्र दिवस)


दोस्तों आज है वो शुभ दिन , जिसने हम को "हम भारत देश के नागरिक" हैं यह शान से कहने को आजादी दी है। हा आपने बि्कुल सही पहचाना है कि आज गणतंत्र दिवस है (Republic day)।

         

            Republic day को हम भारत के नागरिक  बड़ी जोर शोर से मनाते है क्योंकि आज हि के दिन हम लोगों को पूरी तरह से आजादी मिली थी।

                  तो क्या आप जानते हैं कि आज के दिन ऐसा क्या हुआ ? कि आज गणतंत्र दिवस समारोह हम खुशिसे मनाते हैं। मैं जानता हूं कि आप पढ़े लिखे लोग हैं।पर यह सवाल का जवाब आप मे से कई लोग नहीं जानते।

    

            तो देर ना करें जिन लोगों को नहीं पता है की,गणतंत्र दिवस क्या है और हम सभी इस दिन को क्यों मनाते है? और अगर  आपको पता है कि गणतंत्र दिवस क्या है, तो फिर भी इस जानकारी को पढ़ कर एक बार फ़िर से दोहराइए।

           

      २६ जनवरी,१९५० को संविधान लागू होने के साथ ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था।यहीं वजह है कि हर साल इस खास दिन कि याद में २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता हैं। जब की साल १९४७ में भारत को मिली आजादी के बाद इसे लोकतांत्रिक बनाने के मकसद  से ही देश का संविधान बनाना शुरु किया गया।

           तो किस प्रकार हमारा यह संविधान लिखा गया और कौनसे महान बुद्धिमान व्यक्ति ने यह संविधान बनाया है। अगर आपको लगता है कि यह महात्मा गांधी, पं. नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल ने लिखीं है तो आप ग़लत हैं यह सभी लोग महान हैं ,पर संविधान लिखा है भारत के सुपुत्र और दुनिया के सबसे महान बुद्धिमान व्यक्ति  जिन का नाम है डॉ. भीमराव अम्बेडकर । 

                 डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर जी संविधान सभा  के प्रारूप समिति/ड्राफटिंग/मसौदा समिति के अध्यक्ष थे।पर आज के कई अज्ञानि लोग कहते हैं कि संविधान प्रारूप समिति मै कुल सात(७) सदस्य थे। जिनमे 

पहले थे (१) डॉ.भीमराव रामजी अम्बेडकर।

            (२) अल्लादी कृष्णा स्वामी अयंगर।

            (३) एन. गोपाल स्वामी अयंगर।

            (४) कन्हैयालाल माणिक्यलाल मुशी।

            (५) एन. माधवराज - यह बी. एल.मित्तल                                       के स्थान पर आये थे।

             (६) टी.टी. कृष्णामाचारी - यह डी. पी.खेतान के स्थान पर आये थे।

              (७) मोहम्मद सादुल्ला

  

इतने सदस्य थे।पर वो लोग याद रखियेगा कि शुरु से ही यह संविधान प्रारूप समिति मेसे 

डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को छोड़ कर बाकी ये छह (६) सदस्य गायब हो गए, मत्तलब कि ये छह (६) सदस्य  किसी ना किसी वजह से ये सदस्य पूरी प्रारूप समिति में कभी आए ही नहीं। इस वजह से संविधान बनाने और लिखने का पूरा जिम्मा अकेले डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी पर आगया था।

               पर उन्होंने अकेलेही कड़ी मेहनत कर दुनियां का सबसे अच्छा संविधान लिखा। और यही कारण है कि डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर को भारत का संविधान निर्माता कहा जाता है।




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          उन्होंने यह संविधान पूरे २ वर्ष,११ माह १८ दिन में तैयार कि। मतलब कि यह २६ नवंबर,१९४९ को पूरा हुआ था। और २६ जनवरी,१९५० को भारत गणराज्य का यह संविधान लागू हुआ था।  भारत के नागरिक महामानव, बोद्धिसत्व, भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का आदर और सम्मान करते हैं और उन्हें प्यार से डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी कहते है और उन्हें पूजते हैं।और भारत के लोग उन्हें प्यार से  "बाबासाहेब" कहते हैं।

    

                   और उन्होनें अपने आखरी संविधान सभा के भाषण में कहा था कि संविधान भले कितना ही अच्छा हो पर अगर उसे इस्तमाल करने वाले लोग बुरे हो तो वो संविधान अंत तक बुरा ही साबित होगा।और अगर संविधान भले कितना ही बुरा हो पर अगर उसे इस्तमाल करने वाले लोग अच्छे हो तो वो संविधान अंत तक अच्छा ही साबित होगा।



            आखिर में मै आपको २६ जनवरी republic day (गणतंत्र दिवस)कि लाख लाख बधाई देता हूं।










ऊपर दि गई जानकारी को विश्वसनिय विशेषज्ञों से ली गई हैं।

   



 


गणतंत्र दिवस Reviewed by My introduction on January 25, 2023 Rating: 5

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